
मुहम्मद साहब की शिक्षाओं में मानवता का संदेश, इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म बताया

एमआईएफ की विचार गोष्ठी में विद्वानों ने कहा—मानवता की सेवा ही आदर्श जीवन की असली पहचान।
सात सौ करोड़ इंसानों में भेद नहीं, नफरत की जगह भाईचारे और समानता का संदेश अपनाने पर जोर।

INDIA NEWS PUNCH
www.indianewspunch.com
इस्लाम खां, प्रमुख संवाददाता।

गोण्डा। मुस्लिम इंटेलेक्चुवल फोरम (एमआईएफ) की ओर से जेपी पैलेस होटल में ‘हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाएं और आपका आदर्श जीवन’ विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में वक्ताओं ने पैगम्बर मुहम्मद साहब की शिक्षाओं को मानवता, समानता, भाईचारे और सेवा का संदेश बताते हुए इन्हें वर्तमान समाज के लिए भी प्रासंगिक बताया।
मुख्य अतिथि इस्लामिक विद्वान मुहम्मद जमील सिद्दीकी ने कहा कि इंसान को केवल किसी एक वर्ग या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा वही इंसान है, जो मानवता को जीता है और दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझकर उनके काम आता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के करोड़ों इंसानों की बुनियादी जरूरतें और भावनाएं समान हैं, ऐसे में एक-दूसरे के बीच भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
सिद्दीकी ने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि समय के साथ दुनिया की सत्ता, ताकत और परिस्थितियां बदलती रही हैं। कभी इंग्लैंड का पूरी दुनिया पर प्रभाव था, लेकिन आज वह एक द्वीप तक सीमित होकर अपने अस्तित्व और हितों के लिए संघर्ष कर रहा है। इसी तरह यूनान की कठोरता और शक्ति का कभी दुनिया में डंका बजता था, लेकिन समय ने बहुत कुछ बदल दिया। इसलिए मानवता और नैतिक मूल्यों को ही स्थायी आधार बनाया जाना चाहिए।
गोष्ठी में संरक्षक लतीफुर्रहमान, अध्यक्ष डा. महमूद आलम, जनरल सेक्रेटरी जमशेद वारसी और संयोजक मुश्फिक अहमद ने विचार रखे। संचालन नजमी कमाल ने किया। इस दौरान सपा नेता एवं पूर्व मंत्री पंडित सिंह के पुत्र सूरज सिंह, खरगूपुर चेयरमैन एवं भाजपा नेता राजीव रस्तोगी, कामरेड कौशलेंद्र पांडेय, डा. मो. सादिर खान, वरिष्ठ पत्रकार एसएन शर्मा, देवेंद्र सिंह और ऋषि उपाध्याय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

