वोट चोरी के मुद्दे पर बढ़ा सियासी तापमान
चुनाव आयोग के कमिश्नर भारत के युवा आप को एक्सपोज करेंगे वोट चोरी नहीं होने देंगे : राहुल गांधी
इलेक्शन कमीशन कटपुतली बन कर काम कर रहे हैं : अखिलेश यादव

इस्लाम खां पत्रकार गोंडा।
(Digital Website News channel)
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गोंडा । देश में वोट चोरी के मुद्दे पर सियासी तापमान बढ़ गया है पूरा विपक्ष नई रिपोर्ट को लेकर इलेक्शन कमिशन को कटघरे में खड़ा कर रहा है। सभी दलों की ओर से इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार गुप्ता के इस्तीफा की मांग की जा रही है। विपक्षी दलों का आरोप है की इलेक्शन कमिश्नर सत्ता पक्ष के सारे पर काम कर रहे हैं। इसको लेकर लगातार अलग-अलग शहरों में धरना प्रदर्शन किया जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने कहा है कि इलेक्शन कमिश्नर भारत के युवा संविधान की रक्षा करेंगे आपको एक्सपोज करेंगे और वोट की चोरी नहीं होने देंगे। वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयुक्त पर तगड़ा हमला बोला है उन्होंने उन पर कठपुतली बनकर काम करने का आरोप लगाया है। जबकि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को राष्ट्रद्रोही बताया है। उन्होंने इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार गुप्ता को 48 घंटे के अंदर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो पूरे देश में उनकी पार्टी कड़ा प्रदर्शन करेगी।
सीजेपी ने चुनाव आयुक्त को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया
गोंडा। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने गुरुवार को दिल्ली में घोषणा की कि यदि ज्ञानेश कुमार ने 48 घंटों में इस्तीफा नहीं दिया तो पूरे देश में चुनाव आयोग के खिलाफ मुहिम चलाई जाएगी। इसके बाद दिल्ली में जंतर-मंतर 2.0 भी चलाया जाएगा। सीजेपी ने चुनाव आयोग और सरकार के सामने तीन मांगें रखीं हैं। सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके और दो सह संयोजक सौरभ दास-आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ज्ञानेश कुमार, भाजपा, केंद्र सरकार और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट पर भी प्रहार किया।
सीजेपी की क्या 3 मागें
1- ज्ञानेश कुमार इस्तीफा हो। उनके खिलाफ तुरंत आपराधिक मुकदमा दायर किया जाए। जांच हो कि उन्हें कौन आदेश दे रहा था।
2- आगामी सभी चुनावों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी जाए। जनवरी 2024 के वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए और एसआईआर को रोका जाए। सुप्रीम कोर्ट एसआईआर से जुड़े सभी फाइलों को सीज करे।
3- 2023 के कानून उस कानून को वापस लिया जाए, जो चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से संरक्षण प्रदान करता है और नया कानून बनाया जाए, जिसमें सिविल सोसाइटी की भागीदारी हो। दीपके ने कहा है जो रिपोर्ट आई है उससे साबित होता है कि जो चीफ इलेक्शन कमिश्नर है वह देश का सबसे बड़ा गद्दार है। उनको तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। वह लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। लोकतंत्र का मतलब था कि जनता सरकार चुनेगी। लेकिन ज्ञानेश कुमार जबसे सीईसी बने तब से सरकार तय कर रही है कि कौन वोट करेगा कौन नहीं।