आईजीआरएस रैंकिंग में देवीपाटन मंडल लगातार सातवीं बार प्रथम
सितंबर में 91.82 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की सघन मॉनिटरिंग और शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद का असर।

इस्लाम खां मुख्य संवाददाता।
INDIA NEWS PUNCH
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गोण्डा, 4 अक्टूबर 2026। जनशिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में देवीपाटन मंडल ने सितंबर 2026 की आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) रैंकिंग में 91.82 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। मंडल ने लगातार सातवीं बार यह उपलब्धि प्राप्त की है।
यह सफलता शिकायतों की नियमित समीक्षा, अधिकारियों की जवाबदेही, शिकायतकर्ताओं से सीधे फीडबैक और वास्तविक समाधान पर जोर देने की व्यवस्था का परिणाम है।
वास्तविक समाधान पर जोर
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देशन में गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में आईजीआरएस शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि केवल कागजी निस्तारण पर्याप्त नहीं है; शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान जरूरी है।
मंडलायुक्त स्वयं हर माह रैंडम आधार पर शिकायतकर्ताओं से फोन पर फीडबैक लेती हैं। समाधान में कमी या औपचारिक निस्तारण मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। इससे शिकायत निस्तारण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है।
‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ से महिलाओं को राहत
महिलाओं और बेटियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संचालित ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ पहल के तहत चारों जिलों में शिकायतें प्राथमिकता से सुनी जा रही हैं। संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को प्रशासन के समक्ष सीधे अपनी समस्याएं रखने का सहज मंच उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी इसकी नियमित निगरानी कर रहे हैं।
मार्च से सितंबर तक बेहतर प्रदर्शन
देवीपाटन मंडल मार्च और अप्रैल 2026 में प्रथम, मई में द्वितीय तथा जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर में फिर प्रथम रहा। इस तरह मंडल ने सात में से छह महीनों में प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया।
जनविश्वास मजबूत करना प्राथमिकता
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। केवल निस्तारण की सूचना देना पर्याप्त नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान होना चाहिए।